हफ्ते में 5 दिन काम की मांग: राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का व्यापक असर, सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी में सेवाएं ठप

हफ्ते में पांच दिन काम की मांग और अन्य कई लंबित मुद्दों को लेकर आज, 27 जनवरी को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी सहित पूरे देश में व्यापक असर देखा जा रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल के कारण उत्तर बंगाल के इन दोनों प्रमुख शहरों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।

आज सुबह से ही सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के विभिन्न बैंकों के सामने कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की। आंदोलनकारी कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब सरकार को बिना किसी देरी के इन्हें स्वीकार करना चाहिए।

हड़ताल के मुख्य बिंदु और प्रभाव:

प्रमुख मांग: बैंक कर्मचारियों की प्राथमिक मांग है कि बैंकों में ‘फाइव डे वर्क वीक’ (5-day work week) यानी सप्ताह में केवल पांच दिन काम की व्यवस्था तुरंत लागू की जाए।

सेवाएं बाधित: हड़ताल के कारण बैंकों में नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरी तरह बंद हैं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग और कुछ जगहों पर एटीएम सेवाएं चालू हैं, लेकिन बैंक शाखाओं में ताला लटके होने से सामान्य ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार बंदी: चूंकि 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का अवकाश था, इसलिए आज की हड़ताल ने बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले असर को और गंभीर बना दिया है।

“हम ग्राहकों को होने वाली असुविधा के लिए क्षमाप्रार्थी हैं, लेकिन सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण हमारे पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। हमें उम्मीद है कि बैंक प्रबंधन और सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएंगे।” — एक आंदोलनकारी कर्मचारी नेता वर्तमान में आंदोलनकारी कर्मचारी बैंक अधिकारियों के साथ अगले दौर की बातचीत और सरकार के रुख का इंतज़ार कर रहे हैं। यदि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी गई है।

By Sonakshi Sarkar