अशोक अष्टमी पर अलीपुरदुआर में उमड़ा जनसैलाब: कालजनी और डीमा नदी के तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

आज बसंती अशोक अष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर जिले में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जिले की प्रमुख नदियों— कालजनी और डीमा के तटों पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालु ‘महास्नान’ के लिए एकत्रित हुए हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम ने मातृ-हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए इसी अष्टमी तिथि को ब्रह्मपुत्र नदी में स्नान किया था। तभी से यह माना जाता है कि इस पवित्र तिथि पर नदी स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

जिन क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र नदी का प्रवाह नहीं है, वहां श्रद्धालु स्थानीय नदियों में स्नान कर इस परंपरा का निर्वहन करते हैं। कालजनी और डीमा नदी के तट पर इस अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया गया है। मेला समिति के पदाधिकारियों के अनुसार:यह मेला ३५ वर्षों से भी अधिक समय से निरंतर आयोजित किया जा रहा है।नदी के किनारे सजी दुकानों में घरेलू सामान, मनिहारी वस्तुएं और पारंपरिक खान-पान की भरमार है।विशेष रूप से ‘चिड़ा और दही’ के स्टालों पर भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

स्नान के साथ-साथ नदी के तट पर बसंती पूजा और गंगा पूजा का भी विधि-विधान से आयोजन किया गया है। भक्तों के लिए कीर्तन और भजन संध्या का प्रबंध किया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि नदी के घाटों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कोई अप्रिय घटना न हो।

By Sonakshi Sarkar