एमएसडीई ने गूगल और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएस विश्वविद्यालय) के साथ रणनीतिक एआई साझेदारी की घोषणा की

सामाजिक न्याय, ग्रामीण सशक्तिकरण और शिक्षा-आधारित राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति आजीवन समर्पित रहे, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने मंगलवार को गूगल और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएस विश्वविद्यालय) मेरठ के साथ एक ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। चौधरी चरण सिंह जी के समावेशी विकास के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है । इस सहयोग से सीसीएस विश्वविद्यालय भारत के पहले एआई-सक्षम विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित होगा, जहां प्रौद्योगिकी भारत भर के युवाओं के लिए शिक्षा और अवसरों के लोकतांत्रीकरण का सशक्त माध्यम बनेगी। इतना ही नहीं, इस कदम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से शहरी और ग्रामीण भारत की खाई भी पाटी जा सकेगी। रोजगार के लिए जरूरी योग्यता की चुनौतियों का समाधान करने तथा भाषा, पहुंच और कौशल से जुड़ी बाधाओं को दूर कर टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों के युवाओं को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा ।

इस अवसर पर श्री जयंत चौधरी, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय तथा राज्य मंत्री, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने पहल के समावेशी स्वरूप पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि सच्चा विकास तब होता है जब हम प्रवेश की बाधाओं को दूर करते हैं। यह पहल मातृभाषा में सीखने और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देते हुए युवाओं को वैश्विक तकनीकों में दक्ष बनाने पर विशेष जोर देती है।  उन्होंने कहा कि सीसीएस विश्वविद्यालय को एक आदर्श एआई संस्थान में परिवर्तित कर हम पूरे देश के लिए एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं, जहां रोजगारयोग्यता कौशल और योग्यता से तय होगी। हमारे युवा देश की आर्थिक प्रगति के केंद्र में हैं। यह साझेदारी चौधरी चरण सिंह जी के समावेशी विकास के स्थायी विश्वास को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शिक्षा भारत की वास्तविकताओं और आकांक्षाओं से जुड़ी है।

समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत, सीसीएस विश्वविद्यालय को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए एआई अंगीकरण ढांचे (AI Adoption Framework) के विकास और क्रियान्वयन हेतु पायलट संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर सुश्री देबाश्री मुखर्जी, सचिव, एमएसडीई तथा प्रो. संगीता शुक्ला, कुलपति, सीसीएस विश्वविद्यालय भी उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त, एमएसडीई के वरिष्ठ अधिकारी और गूगल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे । जनसाधारण की शिक्षा के प्रबल पक्षधर रहे एक महान नेता की जयंती के अवसर पर सीसीएस विश्वविद्यालय में आरंभ हुई यह पहल, समावेशन, कौशल और श्रम की गरिमा के लिए प्रौद्योगिकी को मजबूत करने की एक नई राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

By Business Bureau