CFA इंस्टीट्यूट ने कोलकाता में वेल्थ मैनेजमेंट के क्षेत्र में भविष्य के टैलेंट को तैयार करने पर चर्चा के लिए एक राउंडटेबल आयोजित किया

इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के ग्लोबल एसोसिएशन, CFA इंस्टीट्यूट ने कोलकाता में प्रोफेसर्स के लिए एक राउंडटेबल आयोजित किया। इसमें 15 प्रमुख कॉलेजों और संस्थानों के 16 प्रोफेसर शामिल हुए, जिन्होंने वेल्थ मैनेजमेंट की पढ़ाई को बेहतर बनाने और इंडस्ट्री-एकेडेमिया (उद्योग और शिक्षा जगत) के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। “वेल्थ मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी को तैयार करना” थीम वाले इस सेशन में करिकुलम (पाठ्यक्रम) को सही दिशा देने, इंडस्ट्री के नए ट्रेंड्स, स्किल डेवलपमेंट और फाइनेंस करियर में टेक्निकल जानकारी व नैतिक आधार के बढ़ते महत्व पर फोकस किया गया।

CFA इंस्टीट्यूट में यूनिवर्सिटी रिलेशंस – इंडिया के सीनियर ऑफिसर सायन बनर्जी ने कहा कि संगठन का मकसद एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच सार्थक बातचीत को बढ़ावा देना और शिक्षकों की मदद करना है ताकि वे सीखने के नतीजों (लर्निंग आउटकम्स) को एम्प्लॉयर्स (नियोक्ताओं) द्वारा मांगी जाने वाली स्किल्स के अनुरूप बना सकें। इस सेशन का नेतृत्व अनुभवी इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स रश्मि मोदी (CFA) और विनय बागरी (CFA) ने किया।

इस चर्चा में कोलकाता मुख्य केंद्र रहा, जिसमें IIM कलकत्ता, सेंट जेवियर्स कॉलेज, कलकत्ता यूनिवर्सिटी, ग्लोब्सिन बिजनेस स्कूल, भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज, कलकत्ता बिजनेस स्कूल और जयपुरिया कॉलेज जैसे संस्थानों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच की खाई को पाटने के संभावित तरीकों के तौर पर स्ट्रक्चर्ड इंटर्नशिप, इंडस्ट्री के लिए जरूरी सर्टिफिकेट कोर्स और फाइनेंस ओलंपियाड पर चर्चा की।

भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के प्रोफेसर विवेक पटवारी ने कहा कि राउंडटेबल ने फाइनेंस की पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक और करियर-केंद्रित बनाने के लिए प्रैक्टिकल रास्ते सुझाए, जबकि सेंट जेवियर्स कॉलेज की मैत्रेयी बसु ने इन्वेस्टमेंट एनालिसिस, एथिक्स और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में CFA प्रोग्राम की गंभीरता और गुणवत्ता पर जोर दिया।

By Business Bureau