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होम्योपैथी की वास्तविक शक्ति वैज्ञानिक अनुशासन, ईमानदार क्लीनिकल प्रैक्टिस तथा सुदृढ़ केस डॉक्युमेंटेशन में निहित है। अनुभव को साक्ष्य में बदलने की पुख्ता प्रक्रिया ही होम्योपैथी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सशक्त बनाती है। जब होम्योपैथिक दवाओं के साथ रोगी की जरूरत के मुताबिक भारतीय खान-पान में सही बदलाव किए जाते हैं तो दवाओं का असर भी बढ़ जाता है। समुचित खान-पान की संगत से मरीज की रंगत भी निखरने लगती है। ये बात देश के प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक और आयुष मंत्रालय की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कोलकाता के बिस्वा बंगला कन्वेंशन सेंटर…
