19
Feb
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट २०२६ (दो हजार छब्बीस) के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई के लिए भारत के व्यापक 'मानव विजन' को दुनिया के सामने रखा। इस विजन का मुख्य उद्देश्य एआई शासन को मानव-केंद्रित, नैतिक, जवाबदेह और समावेशी बनाना है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई को केवल रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का क्षेत्र नहीं बल्कि समावेशन और सशक्तिकरण का साधन बनना चाहिए, विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' के देशों के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल एआई क्रांति का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसका नेतृत्व कर रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं…
