Jalpaiguri

पश्चिम बंगाल: निपाह वायरस को लेकर जलपाईगुड़ी में हाई अलर्ट, घर-घर जाकर जागरूकता अभियान शुरू  

पश्चिम बंगाल: निपाह वायरस को लेकर जलपाईगुड़ी में हाई अलर्ट, घर-घर जाकर जागरूकता अभियान शुरू  

पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले सामने आने के बाद पूरे राज्य में चिंता का माहौल है। इस जानलेवा वायरस का असर अब जलपाईगुड़ी जिले में भी देखा जा रहा है, जहाँ सामान्य लोगों के बीच आतंक व्याप्त है। स्थिति को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जलपाईगुड़ी प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।जलपाईगुड़ी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. असीम हलदर ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशिष्ट गाइडलाइंस (निर्देशिका) प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा, "हम पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। किसी भी प्रकार के संक्रमण की…
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मकर संक्रांति पर जलपाईगुड़ी के घर-घर में गूंजी शंखध्वनि: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच श्रद्धापूर्वक ‘वास्तु पूजा’ का आयोजन

मकर संक्रांति पर जलपाईगुड़ी के घर-घर में गूंजी शंखध्वनि: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच श्रद्धापूर्वक ‘वास्तु पूजा’ का आयोजन

आज मकर संक्रांति (पौष संक्रांति) के शुभ अवसर पर जलপাইगुड़ी जिले के घर-घर में पारंपरिक 'वास्तु पूजा' का उल्लास देखा जा रहा है। कड़ाके की ठंड और सुबह 3 बजे से ही घने कोहरे की चादर में लिपटे शहर में शंखध्वनि और 'उलु ध्वनि' (Ulu-dhwani) ने उत्सव का आगाज किया।मकर संक्रांति के इस विशेष पर्व पर जलপাইगुड़ी के पातकाटा कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने सुबह के शुरुआती घंटों में ही स्नान आदि कर पूजा की रस्में शुरू कर दीं।  पुरोहितों के सानिध्य में विधि-विधान के साथ वास्तु पूजा संपन्न की जा रही है, जिसमें घर के छोटे-बड़े सभी…
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मकर संक्रांति की दस्तक: बंगाल की परंपरा ‘मिट्टी के सरा’ की बढ़ी मांग, गांवों में घूम-घूम कर बेच रहे विक्रेता

मकर संक्रांति की दस्तक: बंगाल की परंपरा ‘मिट्टी के सरा’ की बढ़ी मांग, गांवों में घूम-घूम कर बेच रहे विक्रेता

बंगाल के पारंपरिक त्योहार 'पौष संक्रांति' (मकर संक्रांति ) में अब कुछ ही दिन शेष हैं। इस अवसर पर बनने वाले प्रसिद्ध 'पीठे-पुली' (पारंपरिक मिठाइयां) के लिए सबसे महत्वपूर्ण बर्तन 'मिट्टी के सरा' की बिक्री अब जोर पकड़ने लगी है। आधुनिकता के दौर में भी बंगाल की इस विरासत को ग्रामीण क्षेत्रों ने जीवित रखा है।गांवों की गलियों में सजीं गाड़ियांग्रामीण बंगाल के रास्तों पर इन दिनों मिट्टी के छोटे-बड़े 'सरा' (मिट्टी की छिछली थाली या ढक्कन) से लदी वैन गाड़ियां और ठेले आम देखे जा रहे हैं। पीठे बनाने के लिए मिट्टी के इन बर्तनों का विशेष महत्व होता…
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कड़ाके की ठंड की चपेट में समूचा बंगाल: जलपाईगुड़ी में पारा 7 डिग्री तक गिरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

कड़ाके की ठंड की चपेट में समूचा बंगाल: जलपाईगुड़ी में पारा 7 डिग्री तक गिरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

पूरे बंगाल में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में तीस्ता नदी के तटवर्ती इलाकों में बर्फीली हवाओं और घने कोहरे के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया है। जलपाईगुड़ी का पारा 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दार्जिलिंग में तापमान शून्य के करीब है, जबकि सिक्किम में भारी बर्फबारी जारी है। कोहरे के कारण लोग घरों में कैद हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा है। कड़ाके की ठंड की वजह से शहर की सुबह काफी देर से हो रही है। सड़कों पर आवाजाही बेहद कम है और दुकानें भी सामान्य समय से…
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जलपाईगुड़ी में कड़ाके की ठंड: पारा 9 डिग्री तक गिरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

जलपाईगुड़ी में कड़ाके की ठंड: पारा 9 डिग्री तक गिरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। तीस्ता नदी के किनारे बसे इस जिले में तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे पूरा इलाका ठिठुरने को मजबूर है। कोहरे की घनी चादर ने चारों ओर दृश्यता कम कर दी है, जिसके कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अत्यधिक ठंड के कारण शहर की सुबह काफी देरी से हो रही है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों की आवाजाही बेहद कम देखी जा रही है। बाजार और दुकानें भी सामान्य समय से काफी देरी से खुल…
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