Jalpaiguri

छठ पूजा को लेकर जलपाईगुड़ी में बांस के सामानों की दुकानें सजीं – बढ़ी कीमतों से चिंतित व्यापारी

छठ पूजा को लेकर जलपाईगुड़ी में बांस के सामानों की दुकानें सजीं – बढ़ी कीमतों से चिंतित व्यापारी

छठ पूजा के अवसर पर जलपाईगुड़ी के बाजारों में बांस के बने सामानों की बिक्री शुरू हो गई है। शहर के म्यूनिसिपल मार्केट, शियालपाड़ा और अन्य इलाकों में बांस से बने कुल्हा, टोकरी, दउरा और बांसुरी जैसी वस्तुएं बिक रही हैं। हर साल की तरह इस बार भी छठ पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, बांस की बढ़ी हुई कीमतों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि इस साल कच्चे बांस की दरें आसमान छू रही हैं, जिससे मुनाफा कम और खर्च अधिक हो रहा है। बांस उत्पाद विक्रेता अब भी…
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“इंसान इंसान के लिए” — दीपावली की खुशियाँ बाँटने पहुंचे समाजसेवी दुलाल चंद्र राय, मयनागुड़ी के बाढ़ पीड़ितों के बीच पंहुचाया पूजा सामग्री

“इंसान इंसान के लिए” — दीपावली की खुशियाँ बाँटने पहुंचे समाजसेवी दुलाल चंद्र राय, मयनागुड़ी के बाढ़ पीड़ितों के बीच पंहुचाया पूजा सामग्री

दीपावली के पावन अवसर पर जब हर ओर रौशनी और उत्सव का माहौल है, वहीं जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी विधानसभा अंतर्गत आमगुड़ी इलाके के बाढ़ प्रभावित राहत शिविरों में रह रहे लोगों की पीड़ा साझा करने पहुंचे प्रख्यात समाजसेवी और अधिवक्ता दुलाल चंद्र राय। सनातन परंपरा को स्मरण कर उन्होंने आज पूजा की पंच सामग्री लेकर शिविर में उपस्थित लोगों के साथ दीपावली की खुशियाँ बाँटी। दुलाल बाबू के इस मानवीय पहल की सराहना করেছেন स्थानीय लोग। उनकी इस सेवा-भावना ने एक बार फिर साबित किया— "इंसानियत अभी ज़िंदा है।" इस पहल से राहत शिविर में रह रहे कई बाढ़…
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जंगल, नदी और तंत्र– सबके बीच स्थित जलपाईगुड़ी का देवी चौधुरानी श्मशान काली मंदिर, काली पूजा में उमड़े श्रद्धालु

जंगल, नदी और तंत्र– सबके बीच स्थित जलपाईगुड़ी का देवी चौधुरानी श्मशान काली मंदिर, काली पूजा में उमड़े श्रद्धालु

जलपाईगुड़ी के गोशाला मोड़ स्थित देवी चौधुरानी श्मशान काली मंदिर में आज सुबह से ही काली पूजा की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। मंदिर के पुजारी माँ को श्रृंगार में व्यस्त हैं और भक्तों की भीड़ सुबह से ही दर्शन के लिए उमड़ रही है। यह मंदिर उत्तर बंगाल के सबसे रहस्यमय और ऐतिहासिक पूजा स्थलों में एकहै।माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वयं देवी चौधुरानी ने की थी। रूकरूका नदी के किनारे स्थित यह मंदिर चारों ओर से जंगल से घिरा है। आसपास ही है एक प्राचीन श्मशान, जो इस स्थान को और भी रहस्यमय बना देता है।…
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जलपाईगुड़ी शहर में सुबह-सुबह बंदरों का आतंक, कई घायल, लोगों में दहशत

जलपाईगुड़ी शहर में सुबह-सुबह बंदरों का आतंक, कई घायल, लोगों में दहशत

बुधवार सुबह जलपाईगुड़ी शहर के औद्योगिक समिति पाड़ा (इंडस्ट्रील कोऑपरेटिव एरिया) में बंदरों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। बंदर ना केवल घरों में घुसे, बल्कि खाने-पीने की चीजें छीन ले गए और लोगों द्वारा भगाने की कोशिश करने पर उन पर हमला भी किया। इस हमले में कई लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले बंदरों का झुंड केवल जंगल से लगे इलाकों में ही दिखाई देता था, लेकिन अब शहर के भीतर भी उनका आतंक बढ़ता जा रहा है। लोगों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या जंगलों में बंदरों के…
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जलढाका में बांध टूटने से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा मीनाक्षी मुखर्जी

जलढाका में बांध टूटने से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा मीनाक्षी मुखर्जी

जलढाका नदी का बांध टूटने से धूपगुड़ी ब्लॉक के गधेयारकुठी ग्राम पंचायत का होगलापत्ता इलाका बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गुरुवार सुबह सीपीआई(एम) की केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी वहां पहुंचकर रेलवे लाइन के किनारे तंबू में शरण নেওয়া बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करती हैं। इसके बाद उन्होंने दो रेलवे लाइन पार कर, जलढाका नदी के मुख्य टूटे हुए बांध और सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त इलाकों का निरीक्षण किया, जहां बाढ़ ने घर-द्वार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पीड़ितों ने मीनाक्षी मुखर्जी को देखकर अपनी पीड़ा और गुस्सा दोनों व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि बीडीओ और जॉइंट बीडीओ…
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