21
Feb
लखनऊ की 10वीं कक्षा की छात्रा प्राजक्ता स्वरूप की पिछले सप्ताह मस्तिष्क में खून का थक्का जमने के कारण बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसके कारण नसें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके पीछे का कारण कॉफी के गर्म कप के साथ अत्यधिक नींद की गोलियों का सेवन था। प्राजक्ता पूरी रात जागकर अपनी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। प्राजक्ता एक शाम बेहोश हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उसके माता-पिता को उसकी दराज में गोलियों से भरी एक बोतल मिली और जब उन्होंने उन्हें डॉक्टर को सौंपा, तो वे यह जानकर हैरान रह गए…