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23 सितंबर को प्रतिवर्ष 'राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जिससे आयुर्वेद — इस प्राचीन जीवन-विज्ञान — को मान्यता दी जा सके और इसके महत्व को आधुनिक युग में भी प्रचारित किया जा सके। जब आज की ज़िंदगी तनाव, नींद की कमी, चिंता, वज़न की दिक्कतों और हार्मोनल गड़बड़ियों से घिर जाती है, तो कई लोग राहत पाने के लिए आयुर्वेद की शरण लेते हैं। आयुर्वेद सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र कला है, जो मन, शरीर और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। प्राचीन आयुर्वेद हमें सिखाता है – समय पर उठो, योग…
