भाजपा प्रत्याशी अशोक डिंडा को झेलना पड़ा जन-आक्रोश: मतदाताओं ने पूछा— “शिकायत लेकर कहाँ जाएँ ?

 मोयना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को सोमवार सुबह चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। तामलुक ब्लॉक के नीलकुंठा ग्राम पंचायत अंतर्गत हर्शंकर गढ़किला बाजार इलाके में जब डिंडा जनसंपर्क के लिए पहुँचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याओं को लेकर खरी-खोटी सुनाई।प्रचार के दौरान स्थानीय निवासियों ने अशोक डिंडा को अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं को लेकर दर-दर भटक रहे हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे न तो ग्राम पंचायत में अपनी बात रख पा रहे हैं और न ही ब्लॉक कार्यालय में। सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर थी कि विधायक के रूप में अशोक डिंडा भी क्षेत्र में नजर नहीं आते। “हम अपनी शिकायत लेकर कहाँ जाएँ? आप भी दिखाई नहीं देते,”—एक प्रदर्शनकारी ग्रामीण ने सीधे प्रत्याशी से सवाल किया।लोगों के गुस्से को देखते हुए अशोक डिंडा ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा : “हमारे हाथ में अभी कुछ नहीं है। यहाँ की ग्राम पंचायत तृणमूल कांग्रेस के पास है, हमारे केवल दो सदस्य हैं। आपको अपनी शिकायतें पंचायत में करनी चाहिए।

अगर वहाँ सुनवाई नहीं होती, तो आप मेरे विधायक कार्यालय (MLA Office) आकर मुझे बता सकते थे।”बाजार में हुए इस हंगामे और बहस के बाद, अशोक डिंडा ने स्थिति को शांत किया और फिर से अपना प्रचार अभियान शुरू किया। उन्होंने नीलकुंठा इलाके में घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात की और आगामी चुनाव के लिए समर्थन माँगा।मोयना विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला काफी कड़ा है। जहाँ टीएमसी विकास के दावों के साथ मैदान में है, वहीं भाजपा ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ और केंद्रीय योजनाओं के भरोसे है। हालांकि, मौजूदा विधायक होने के नाते अशोक डिंडा को स्थानीय स्तर पर जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।

By Sonakshi Sarkar