आदित्य बिरला ग्रुप की प्रमुख कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ के तहत आने वाले बिरला ओपस पेंट्स ने अपना नया दुर्गा पूजा कैंपेन लॉन्च किया है। ब्रांड के ‘Duniya Ko Rang Do’ के विचार से प्रेरित यह फिल्म खूबसूरती से दिखाती है कि कैसे त्योहारों से जुड़ी परंपराएं परिवार और संस्कृति के प्रति अपनेपन की भावना को मजबूत करती हैं और हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती हैं। फिल्म की कहानी एक युवा लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो लंबे समय बाद भारत लौटती है और शुरुआत में अपने परिवार के साथ दुर्गा पूजा समारोह में शामिल होने को लेकर थोड़ी अनिच्छुक रहती है। जैसे-जैसे घर पूजा की तैयारियों से गुलजार होने लगता है, परिवार उसे प्यार से उत्सव का हिस्सा बनाता है। वे उसे अल्पना बनाने, घर के बने नारू का स्वाद लेने, अपने कज़िन्स के साथ खेलने और आसपास की परंपराओं को करीब से महसूस करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। जो उत्सव शुरुआत में उसके लिए थोड़ा अनजान लगता है, वह धीरे-धीरे हंसी, अपनापन और नई यादों से भरा अनुभव बन जाता है। इस दौरान उसे घर और परिवार की गर्मजोशी का फिर से एहसास होता है और वह अगले साल वापस आने का इंतजार करने लगती है।
उसकी इस यात्रा के जरिए फिल्म यह दिखाती है कि कैसे त्योहार और उत्सव अनजान चेहरों को अपनेपन में बदल सकते हैं और साझा परंपराओं को यादगार बना सकते हैं। यह बिरला ओपस पेंट्स के उस विश्वास को भी मजबूत करता है कि रंग भले ही जगहों को बदल सकते हैं, लेकिन उनमें रहने वाले लोग और उनसे जुड़ी यादें ही किसी मकान को वास्तव में घर बनाती हैं। इंदरप्रीत सिंह, हेड – मार्केटिंग, बिरला ओपस पेंट्स, ने कहा, “इस फेस्टिव कैंपेन के जरिए हम यह दिखाना चाहते थे कि कैसे त्योहार लोगों को करीब लाते हैं और अलग-अलग पीढ़ियों के बीच अपनेपन की भावना पैदा करते हैं। यह फिल्म इसी भावना का जश्न मनाती है और याद दिलाती है कि समय के साथ घर भले ही बदल जाएं, लेकिन उन्हें रंग देने वाली यादें, परंपराएं और रिश्ते हमेशा बने रहते हैं।”सचिन कांबले, चीफ क्रिएटिव ऑफिसर, लियो इंडिया, ने कहा, “दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक भावना है और इसे केवल पारंपरिक रस्मों और परिचित तस्वीरों से आगे बढ़कर मनाया जाना चाहिए। अपनी फिल्म के जरिए हम छोटे-छोटे उन पलों की खूबसूरती को दिखाना चाहते थे, जिनके जरिए हमारी जड़ें अगली पीढ़ी तक पहुंचती हैं और परंपराएं उनके लिए अपनी बन जाती हैं। संस्कृति तभी जीवंत रहती है, जब अगली पीढ़ी उसे अपनाती है और अपने तरीके से आगे बढ़ाती है। ऐसे में रंग उस अपनेपन की भावना को व्यक्त करने का एक खूबसूरत माध्यम बन जाते हैं।”
लियो इंडिया द्वारा कॉन्सेप्चुअलाइज़ किए गए इस कैंपेन के जरिए दुर्गा पूजा के भावनात्मक महत्व और परिवारों को एक साथ लाने में घर की भूमिका को सामने रखा गया है। यह फिल्म डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगी।
