पश्चिम बंगाल में पारा केवल एक मोहल्ला नहीं होता है। यह वह जगह है, जहाँ दोस्ती पनपती है, त्योहार मनाए जाते हैं, अड्डे जमते हैं और कई पीढ़ियाँ एक साथ बड़ी होती हैं। हर पारा की अपनी एक अलग लय और अलग खासियत होती है। इनकी विशेष कहानियाँ होती हैं, जिनकी वजह से वो खास होते हैं। इसी सांस्कृतिक गहराई को पेश करने के लिए बिरला ओपस पेंट्स ने ‘प्राणेर पारा’ शुरू किया है। यह एक सामुदायिक अभियान है, जो रंगों के माध्यम से बंगाल के पारा की भावना को जीवंत करेगा।
यह अभियान एक सरल से विचार पर आधारित है: अगर हर पारा की अपनी एक अलग खासियत है, तो क्या उसका अपना अलग म्यूरल भी होना चाहिए?
‘प्राणेर पारा’ के माध्यम से बिरला ओपस पेंट्स बंगाल के लोगों को www.birlaopuspranerpara.com पर अपने पारा का नामांकन कराने और उनका पारा सबसे अलग क्यों है, यह बताने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इसके अंतर्गत कोलकाता और आसनसोल से सिलिगुड़ी और बर्धमान तक 15 पारा चुने जाएंगे। पाराओं का चयन उनकी कहानियों, परंपराओं, लोगों, प्रसिद्ध स्थलों और सांस्कृतिक तत्वों के आधार पर होगा। इसके बाद, इन लोगों को बिरला ओपस पेंट्स की मदद से अपने पारा के लिए खास म्यूरल बनाकर अपनी कहानियों को जीवंत करना होगा।
इस बारे में इंदरप्रीत सिंह, हेड – मार्केटिंग, बिरला ओपस पेंट्स ने कहा, ‘‘बिरला ओपस पेंट्स में हमारा मानना है कि रंगों में यह दिखाने की क्षमता होता है कि हम कौन हैं और जिन जगहों को हम अपना कहते हैं, वो क्या हैं। पश्चिम बंगाल में पारा केवल एक स्थान नहीं, बल्कि वहाँ रहने वाले लोगों, उनकी यादों, परंपराओं और अपनेपन की भावना की अभिव्यक्ति होते हैं। प्राणेर पारा के साथ हम इन लोगों को रंगों के माध्यम से अपनी कहानी कहने का अवसर देकर यहाँ की सांस्कृतिक झलक पेश करना चाहते हैं।’’
शेखर बनर्जी, प्रेसिडेंट क्लाईंट सॉल्यूशंस, डब्लूपीपी मीडिया ने कहा, ‘‘क्षेत्रीय बाजारों में ब्रांड स्थापित करने के लिए वहाँ की संस्कृति से जुड़ना और सही मीडिया टचपॉईंट द्वारा लोगों तक पहुँचना जरूरी है। बिरला ओपस पेंट्स के साथ हमारी पार्टनरशिप में प्राणेर पारा क्षेत्रीय बाजार की हमारी गहरी समझ और लोगों को जोड़ने के लिए हाईपर-लोकल अभियान चलाने की हमारी विशेषज्ञता पर आधारित है। इसके माध्यम से ब्रांड को पश्चिम बंगाल की समृद्ध संस्कृति का सम्मान करते हुए राज्य की खास क्षेत्रीय पहचान का जश्न मनाने, ग्राहकों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने और मीडिया टचपॉईंट्स को और ज्यादा प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी।
संदीप महरोत्रा, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राईजेस लिमिटेड ने कहा, ‘‘जी में हमारा हमेशा से मानना है कि सबसे प्रभावशाली कहानियाँ उन समुदायों में मिलती हैं, जिन्हें हम सेवा देते हैं। ‘प्राणेर पारा’ पश्चिम बंगाल में मोहल्लों की अद्वितीय संस्कृति की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति है। हर पारा की पहचान, यादें और अपनेपन की भावना खास है। बिरला ओपस पेंट्स के साथ हमारी पार्टनरशिप इन कहानियों को जीवंत कर रही है और एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान कर रही है, जिस पर आकर लोग अपनी स्थानीय संस्कृति का जश्न मना सकते हैं और उस पर गर्व कर सकते हैं। स्टोरीटैलिंग, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक जुड़ाव को साथ लाकर यह अभियान ऐसे अनुभव पेश करने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है, जो सभी लोगों के जीवन से जुड़े हों और ब्रांड एवं ग्राहकों के बीच संबंध को मजबूत बनाएं।’’
बिरला ओपस पेंट्स ने ‘प्राणेर पारा’ पेश किया, पश्चिम बंगाल की स्थानीय कहानियों को रंग करेंगे बयाँ
