बीसी जिंदल ग्रुप का स्किल सेंटर हावड़ा में युवाओं और महिलाओं को उद्योग जगत के अनुकूल प्रशिक्षण प्रदान कर बढ़ा रहा उनकी रोज़गार क्षमता  

भारत के अग्रणी कारोबार सदन बीसी जिंदल ग्रुप की सामाजिक शाखा बीसी जिंदल फाउन्डेशन हावड़ा के युवाओं एवं महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर, उनकी रोज़गार क्षमता बढ़ाकर और स्थायी आजीविका के निर्माण द्वारा उन्हें सशक्त बना रही है। इस पहल के तहत फाउन्डेशन प्रतिभागियों को नौकरियों के अवसर देकर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। बीसी जिंदल ग्रुप के प्रोमोटर श्याम सुंदल जिंदल के नेतृत्व में ग्रुप ने अपने फाउन्डेशन की पहल ‘बीसी जिंदल स्किल सेंटर, बेलुर, हावड़ा’ के माध्यम से हर साल वंचित एवं सीमांत समुदायों के 1000 से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इन युवाओं को 5 सेक्टरों (हेल्थकेयर, हॉस्पिटेलिटी, अपेरेल, आईटी एवं इंडस्ट्रियल टेक) के तहत नौ व्यवसायिक क्षेत्रों- इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिशियन, मल्टी स्किल टेकनिशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर, डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर, चाइल्ड केयरटेकर, हाउसकीपिंग, फूड एवं बेवरेज सर्विसेज़, फ्लेबोटोमी टेकनिशियन और जनरल ड्यूटी असिस्टेन्ट- में प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस पहल के ज़रिए फाउन्डेशन ने विभिन्न बैचेज़ में 70 फीसदी से अधिक प्लेसमेन्ट की योजना बनाई है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी को खासतौर पर बढ़ावा दिया जाएगा। इस तरह यह पहल क्षेत्र की स्थानीय ओद्यौगिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए कुशल कार्यबल का निर्माण कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी।
‘‘बीसी जिंदल फाउन्डेशन विशेष रूप से तैयार किए गए समाज प्रभाव प्रोग्रामों के ज़रिए लोगों, समाज एवं पर्यावरण पर अनुकूल प्रभाव उत्पन्न करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे हावड़ा स्किल सेंटर का उद्देश्य वंचित समुदायों के युवाओं एवं महिलाओं को उद्योग जगत के अनुकूल, शॉर्ट-टर्म व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है, क्योंकि इन समुदायों के युवा अक्सर अच्छी गुणवत्ता के कौशल प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं। इस तरह की पहलों के ज़रिए हम युवाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण एवं प्लेसमेन्ट में सहयोग प्रदान कर कौशल की खामियों को दूर करना चाहते हैं तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना चाहते हैं।’’ बीसी जिंदल फाउन्डेशन के प्रवक्ता ने कहा।
फाउन्डेशन का स्किल सेंटर एसडीजी 4 ‘क्वालिटी एजुकेशन’ के अनुरूप युवाओं को गुणत्तापूर्व ज्ञान प्रदान करने; एसडीजी 8 ‘डीसेंट वर्क एंड इकोनोमिक ग्रोथ’ के अनुरूप युवाओं को कौशल एवं बेहतर रोज़गार प्रदान करने; तथा एसडीजी 5 ‘जेंडर इक्वेलिटी’ के अनुरूप महिलाओं को एक समान अवसर, कौशल एवं आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है। इसके अलावा यह पहल एसडीजी 10 ‘रिड्यूस्ड इनैक्विटी’ के अनुरूप तकनीकी प्रगति एवं ओद्यौगिक विकास के अनुकूल कुशल कार्यबल का निर्माण करती है, तथा वंचित समुदायों (दिव्यांगों, स्वदेशी लोगों) को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर समावेशन को बढ़ावा देती है।

By Business Bureau