एक्सिस म्यूचुअल फंड ने डिफेंस इंडेक्स फंड लॉन्च किया, एनएफओ 10 अप्रैल को खुलेगा

भारत की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक, ऐक्सिस म्‍यूचुअल फंड ने अपना नया फंड – ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्‍स फंड लॉन्च किया है। यह एक खुली अवधि का इंडेक्स फंड है जो निफ्टी इंडिया डिफेंस टीआरआई के घटकों में निवेश करता है। यह एनएफओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 24 अप्रैल 2026 को बंद होगा। ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्‍स फंड का उद्देश्य व्यय से पहले ऐसे रिटर्न देना है जो ट्रैकिंग एरर के अधीननिफ्टी इंडिया डिफेंस टोटल रिटर्न इंडेक्‍स (टीआरआई) के प्रदर्शन के बहुत करीब हों। यह फंड निवेशकों के लिए एक सस्ता, आसान और पारदर्शी तरीका है। इसके जरिए वे रक्षा क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों जैसे कि दुनिया भर में रक्षा पर बढ़ता खर्च, भारत में सेना का आधुनिकीकरण और सरकार द्वारा मेक इन इंडिया व निर्यात को बढ़ावा देने की नीतियों का फायदा उठा सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो इस क्षेत्र में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।

पूरी दुनिया में रक्षा (डिफेंस) पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है और 2024 में यह 2.7 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँच गया है। देशों के बीच बढ़ते तनाव, आपसी झगड़ों और बदलती वैश्विक व्यवस्था की वजह से अब अमीर और विकासशील दोनों तरह के देश अपनी सेनाओं को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रहे हैं। भारत भी इस बदलाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। सरकार सेना को आधुनिक बनाने के लिए बजट बढ़ा रही है, प्राइवेट कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, विदेशी निवेश के नियम आसान कर रही है और देश में बने रक्षा उपकरणों को दूसरे देशों को निर्यात पर ज़ोर दे रही है।

भारत का रक्षा बजट वित्त वर्ष 2014 से अब तक लगभग 2.7 गुना बढ़ गया है, जो वित्त वर्ष 2026 में करीब 6.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के प्रति सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में घरेलू रक्षा उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है, जिसे 2029 तक फिर से दोगुना करने का आधिकारिक लक्ष्य रखा गया है। रक्षा निर्यात भी तेजी से बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 2017 के 2,000 करोड़ रुपये से कम से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह भारतीय रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

By Business Bureau