देश के तीसरे सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष २०२५-२६ की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ १.८९ प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ ७,६३१.७२ करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। वहीं, एकल आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ ७,०७१.३१ करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ७,११७.५० करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। बैंक के प्रदर्शन की मुख्य विशेषता उसकी ऋण वृद्धि रही, जो १९ प्रतिशत की दर से बढ़कर शुद्ध ब्याज आय को १४,४५७ करोड़ रुपये के स्तर पर ले गई।
हालांकि, बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन में ०.३५ प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो अब ३.६२ प्रतिशत पर आ गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं, विशेषकर पश्चिम एशिया के संघर्ष को ध्यान में रखते हुए, बैंक ने एहतियात के तौर पर मानक परिसंपत्तियों के लिए २,००१ करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी पुनीत शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह से सुरक्षा और सावधानी के लिए उठाया गया है और इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि बैंक की संपत्तियों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की गिरावट आई है। यह निर्णय बैंक की भविष्य की चुनौतियों के प्रति सजगता को दर्शाता है।
