असम सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे की समीक्षा के लिए आधिकारिक तौर पर आठवें वेतन आयोग का गठन किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस नए आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए १८ महीने का समय दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य वर्तमान आर्थिक स्थिति और मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य लाभों को युक्तिसंगत बनाना है।
इस घोषणा से राज्य के लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों में उत्साह की लहर है, क्योंकि यह उनके वित्तीय भविष्य और जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आयोग विभिन्न कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेगा और अन्य राज्यों के वेतन ढांचे का भी अध्ययन करेगा। १८ महीने की निर्धारित अवधि के बाद जब आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, तब राज्य सरकार इसे लागू करने की समयसीमा और वित्तीय प्रभाव पर अंतिम निर्णय लेगी।
