मणिपाल हॉस्पिटल्स की ‘अन्वेषणा’ पहल ने हावड़ा में उन्नत न्यूरोसर्जरी, हीमैटोलॉजी और कार्डियक केयर को किया रेखांकित

पूर्वी भारत में न्यूरोलॉजिकल, रक्त संबंधी और हृदय रोगों के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में, पूर्वी भारत के सबसे बड़े स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप की इकाई, मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास ने आज हावड़ा में अपने प्रमुख कार्यक्रम ‘अन्वेषणा – मीडिया के लिए चिकित्सा शिक्षा’ के अंतर्गत एक इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में डॉ. एल. एन. त्रिपाठी, डायरेक्टर, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिज़ीज़ेस (MIND) एवं सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरोसर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास; डॉ. राजीब दे, क्लिनिकल लीड एवं सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ क्लिनिकल हीमैटोलॉजी, हीमैटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट, मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास; तथा डॉ. अभिषेक रॉय, कंसल्टेंट – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास उपस्थित रहे। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते न्यूरोलॉजिकल विकारों, रक्त संबंधी बीमारियों और हृदय रोगों को लेकर अपने विशेषज्ञ विचार साझा किए। चर्चा के दौरान बदलते रोग पैटर्न, जीवनशैली से जुड़े जोखिम कारक, समय पर रोग की पहचान के महत्व तथा मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी, उन्नत हीमैटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट केयर और आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाओं में हुई प्रगति पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि समय पर उपचार और विशेषीकृत चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों के उपचार परिणाम और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
संस्कृत शब्द “अन्वेषण” यानी खोज और जानने की प्रक्रिया से प्रेरित ‘अन्वेषणा’ पहल, मीडिया के साथ सक्रिय संवाद के माध्यम से सहयोगात्मक सीख, जिम्मेदार संचार और जनस्वास्थ्य जागरूकता को सशक्त बनाने के प्रति मणिपाल हॉस्पिटल्स की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
न्यूरोलॉजिकल रोगों पर बोलते हुए डॉ. एल. एन. त्रिपाठी ने कहा, “पूर्वी भारत में ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक से जुड़ी जटिलताएं, स्पाइनल विकार, ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी और डिजेनेरेटिव स्पाइन रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोग की देर से पहचान होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है और उपचार के परिणाम भी प्रभावित होते हैं। मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास का न्यूरोसर्जरी विभाग उन्नत न्यूरो-इमेजिंग, मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल तकनीकों और मल्टीडिसिप्लिनरी न्यूरोक्रिटिकल केयर के माध्यम से समय पर और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करता है। प्रारंभिक निदान और उपचार न्यूरोलॉजिकल कार्यक्षमता को सुरक्षित रखने, जटिलताओं को कम करने और दीर्घकालिक रिकवरी के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
हीमैटोलॉजी और कैंसर केयर में प्रगति पर बात करते हुए डॉ. राजीब दे ने कहा, “एनीमिया, थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया, लिंफोमा, मल्टीपल मायलोमा और अन्य रक्त संबंधी कैंसर जैसी बीमारियों के लिए अत्यधिक विशेषीकृत और व्यक्तिगत उपचार की आवश्यकता होती है। मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास का क्लिनिकल हीमैटोलॉजी, हीमैटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग उन्नत डायग्नोस्टिक्स और टार्गेटेड थेरेपी से लेकर स्टेम सेल एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट तक समग्र उपचार सेवाएं प्रदान करता है। प्रोटोकॉल आधारित और मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच से प्रमाण आधारित इलाज, बेहतर सर्वाइवल आउटकम और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित होता है।”

By Business Bureau