शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ AIDSO का हल्ला बोल, 9 जनवरी को उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के घेराव का एलान 

स्कूलों में अतिरिक्त फीस वसूली, छात्र आंदोलनों पर पुलिसिया कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन की दार्जिलिंग जिला समिति ने सिलीगुड़ी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा की।AIDSO के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में अवैध तरीके से फीस बढ़ाई जा रही है, जिससे शिक्षा अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है।

संगठन के अनुसार:सरकारी संस्थानों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की भारी कमी है।उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक भ्रष्टाचार चरम पर है।लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले छात्रों पर पुलिस का बल प्रयोग किया जा रहा है, जो निंदनीय है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला कमेटी ने एलान किया कि इन तमाम मुद्दों के खिलाफ 9 जनवरी को उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय (NBU) के दूसरे गेट के सामने एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा क्षेत्र में जारी भ्रष्टाचार और फीस वृद्धि पर लगाम नहीं लगती, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

संगठन की प्रमुख मांगें हैं : स्कूलों और कॉलेजों में बढ़ाई गई अवैध फीस तुरंत वापस ली जाए. गिरफ्तार छात्र कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा किया जाए। उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच हो।AIDSO ने सिलीगुड़ी और आसपास के छात्र समुदाय से अपील की है कि वे अपनी शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए 9 जनवरी के इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल हों।

By Sonakshi Sarkar