एनएसडीसी इंटरनेशनल की जापानी भाषा ट्रेनिंग से भारतीय युवाओं के लिए जापान में रोज़गार के अवसर : भारत-जापान स्किल्ड मोबिलिटी कॉरिडोर हो रहा मज़बूत

स्किल्ड वर्कफोर्स मोबिलिटी में भारत-जापान साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत एनएसडीसी इंटरनेशनल (एनएसडीसीआई) ने आज भारतीय उम्मीदवारों के एक नए बैच के लिए एक सेंड-ऑफ सेरेमनी का आयोजन किया। इन उम्मीदवारों ने जापानी भाषा की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और अब ये प्रमुख सेक्टर्स में विभिन्न अवसरों के लिए जापान जा रहे हैं।यह सेरेमनी नई दिल्ली के कौशल भवन में हुई, और इसमें एनएसडीसीआई के स्ट्रक्चर्ड जापानी लैंग्वेज एंड कल्चरल रेडीनेस प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग प्राप्त किए हुए 39 उम्मीदवारों की विदाई हुई। ये उम्मीदवार जापान के कई प्रान्तों, जैसे टोक्यो, इबाराकी, होक्काइडो वगैरह में केयरगिविंग, हॉस्पिटैलिटी और एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर्स में अलग-अलग अवसरों का लाभ उठाएंगे। यह सेंड-ऑफ़ सेरेमनी एनएसडीसीआई की लगातार कोशिशों में एक अहम पड़ाव है, जिसके तहत स्ट्रक्चर्ड लैंग्वेज ट्रेनिंग, कल्चरल ओरिएंटेशन और एम्प्लॉयर अलाइनमेंट के ज़रिए विदेशों में रोज़गार के लिए भारत के टैलेंट की एक पक्की पाइपलाइन बनाई जा रही है। जापानी लैंग्वेज एंड कल्चरल रेडीनेस प्रोग्राम यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि वर्कप्लेस पर आसानी से तालमेल बैठे, रोज़गार पाने की क्षमता बढ़े और जापान के लेबर मार्केट में भारतीय प्रोफेशनल्स लंबे समय तक टिके रहें।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार श्रीमती अर्चना मायाराम, ने पिछले साल अगस्त में माननीय प्रधानमंत्री की जापान यात्रा के बारे में बताया, जहाँ भारत और जापान के नेताओं ने खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की पुष्टि की थी और अगले दशक के लिए एक संयुक्त विज़न अपनाया था। अगले 5 सालों में 5,00,000 लोगों के ह्यूमन रिसोर्स एक्सचेंज का एक एक्शन प्लान बनाया गया है, जिसमें भारत से जापान में 50,000 स्किल्ड प्रोफेशनल और संभावित टैलेंट शामिल हैं। जैसे-जैसे ग्लोबल इकॉनमी का स्ट्रक्चरल रीअलाइनमेंट जारी है, सर्विस सेक्टर में भारत का योगदान ग्लोबल इकॉनमी का एक मज़बूत स्तंभ बनकर उभर रहा है। जो युवा जापान की यात्रा पर जा रहे हैं, वे भारत के असली एंबेसडर हैं और ग्लोबल इकॉनमी में भारत की बढ़ती मौजूदगी के प्रतिनिधि हैं।

इस अवसर पर नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री अरुणकुमार पिल्लई ने कहा, “स्किल्ड वर्कफोर्स की मोबिलिटी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का एक अहम हिस्सा बन गई है। जब ये युवा प्रोफेशनल दुनिया में अपना पहला कदम रखते हैं, तो वे सिर्फ़ अपनी स्किल्स ही नहीं, बल्कि भारत का गौरव और मूल्यों को भी अपने साथ ले जाते हैं। जापान तक की उनकी यह यात्रा भारत के टैलेंट और हमारी स्किलिंग और भाषा की तैयारी की क्वालिटी पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है। इस तरह की पार्टनरशिप के ज़रिए, हम अपने युवाओं के लिए सार्थक इंटरनेशनल करियर बनाने के लिए असली, ज़िंदगी बदलने वाले रास्ते बना रहे हैं और ऐसा करके, हम ग्लोबल वर्कफोर्स की ज़रूरतों के लिए एक भरोसेमंद, फ्यूचर रेडी पार्टनर के तौर पर भारत की प्रतिष्ठा को मज़बूत कर रहे हैं।”

By Business Bureau