तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने नाम से असंबंधित खबरों के प्रसारण और मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। गुरुवार को न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने यह कहते हुए मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था कि वह इस मामले की सुनवाई करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।शुक्रवार को अभिषेक के वकीलों ने इस मामले की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश का ध्यान आकर्षित किया। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति ओम नारायण राय की खंडपीठ ने कहा कि जल्द ही इस मामले की सुनवाई के लिए एक पीठ निर्धारित की जाएगी।इससे पहले अभिषेक की पत्नी रुजिरा बनर्जी भी इसी तरह की मांग को लेकर हाई कोर्ट पहुंची थीं। उस मामले में अदालत ने निर्देश दिया था कि किसी भी खबर के संदर्भ में अनावश्यक रूप से रुजिरा का नाम लेकर मीडिया में प्रचार नहीं किया जाए। अब अभिषेक ने भी अपने नाम का उल्लेख कर असंबंधित खबरें प्रसारित करने पर रोक लगाने की मांग की है।अभिषेक ने अपनी याचिका में कहा है कि वर्ष 2023 में कलकत्ता हाई कोर्ट के एक निर्देश के बाद जांच के अधीन मामलों की रिपोर्टिंग के संबंध में सात फरवरी, 2024 को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद मीडिया में मनगढ़ंत खबरें प्रसारित की जा रही हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सितंबर में विदेश यात्रा पर जाने से पहले मीडिया के कुछ हिस्सों में उनके 25 बैग लेकर भागने जैसी खबरें प्रसारित की गईं। इसके अलावा विदेश में किसी के साथ उनके कथित प्रेम संबंधों को लेकर भी आधारहीन और सनसनीखेज खबरें प्रकाशित की गईं।
अभिषेक बनर्जी ने मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया
