बच्चे बदलने व नवजात की मौत की घटना को लेकर शुक्रवार को कूचबिहार जिला मदर एंड चाइल्ड हब ‘मातृमा ‘ में मरीज के परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की. मुख्य रूप से महिलाओं को अस्पताल में तोड़फोड़ करते देखा गया। इधर साल के पहले दिन अस्पताल में तोड़फोड़ की घटना को लेकर पूरे इलाके में भारी तनाव देखा जा रहा है। अस्पताल में तोड़फोड़ की खबर मिलते ही कूचबिहार कोतवाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर हालात को काबू किया। बताया जाता है कि कूचबिहार एक नंबर ब्लॉक केचिलकीरहाट निवासी सुमंत बर्मन 30 दिसंबर को अपनी गर्भवती पत्नी को मातृमा अस्पताल भर्ती कराया था. उन्होंने आरोप लगाया की करीब 5 घंटे तक उसकी पत्नी को बिना किसी इलाज के अस्पताल में रहने दिया गया। दोपहर करीब पांच घंटे बाद उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। बाद में उन्होंने बताया गया कि उसका नवजात आईसीयू में भर्ती है। कुछ देर बाद स्वास्थकर्मियों ने उसकी पत्नी के बेड पर एक नवजात रख दिया। अस्पताल में उसकी पत्नी का नंबर 846 था जबकि उस नवजात को का नंबर 867 देखा गया। कुछ देर बात नवजात को वहां से हटा लिया गया और उसकी पत्नी को बताया गया कि उसके बच्चे की मौत हो गई है. दूसरी ओर मरीज के परिवारवालों अस्पताल में बच्चे की हेरफेरी व चिकित्सा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आज सुबह अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। दूसरी ओर कूचबिहार एक नंबर ब्लॉक के कूकताबादी कलाबाड़ीघाट इलाके की निवासी 21 वर्षीय प्रसूति खदीजा बीवी को रविवारको अस्पताल में भर्ती कराया गया। खादिजा बीवी की माँ ने बताया सोमवार उसका सीजर किया गया। सीजर के बाद उसकी तबियत अधिक बिगड़ गयी, पर चिकित्सक उसे नहीं देखा। नर्स भी उसकी सही तरीके से देख रेख नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह उसकी बेटी को इंजेक्शन दिया गया जिसके बाद उसकी मौत हो गयी। इधर अस्तपाल में हंगामे की खबर मिलते ही रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन पार्थ प्रतिम राय व कूचबिहार जिला परिषद के लोक निर्माण विभाग के कर्माध्यक्ष अब्दुल जलील अहमद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अबतया इस बारे में अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की जाएगी।
कूचबिहार : नवजात की मौत को लेकर अस्पताल में तोड़फोड़
