देश में रोहिंग्या मुलमानों की आबादी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भिड़ गए हैं. ओवैसी ने शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “यह बीजेपी ही थी जिसने दावा किया था कि देश में 30,000 अवैध रोहिंग्या शरणार्थी हैं, जिनके नाम मतदान सूची में दर्ज हैं. मैं कहता हूं कि ऐसे 1,000 लोगों के नाम उजागर कीजिए और पूछिए कि क्या अमित शाह दिल्ली में सो रहे थे? वह उन्हें बाहर क्यों नहीं निकालते हैं? उन्हें कौन रोक रहा है?”
इससे पहले शाह ने ओवैसी को करारा जवाब देते हुए रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर कहा कि जब वे कार्रवाई करते हैं तो ये विपक्षी पार्टियां हायतौबा करने लगते हैं. शाह ने कहा, “ओवैसी एक बार लिखकर दें कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या को निकाल दें, फिर मैं कुछ करता हूं.”
अमित शाह ने हैदराबाद की जनता का आभार जताते हुए कहा कि हमें यहां जितना जनसमर्थन मिल रहा है उससे यह साफ जाहिर है कि हमारी पार्टी यहां जीत रही है और इस बार हैदराबाद का मेयर भाजपा का ही होगा. हम हैदराबाद को ‘निजाम कल्चर‘ से मुक्त करायेंगे. हम हैदराबाद को एक आधुनिक शहर के रूप में डेवलप करेंगे जहां लोकतांत्रिक सिद्धांतों की प्रधानता होगी. हम इसे परिवारवाद की राजनीति से आगे लेकर जायेंगे.
हैदराबाद में यह क्षमता है कि वह आईटी हब बन सकता है. इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास नगर निगम द्वारा किया जाता है, भले ही धन राज्य और केंद्र द्वारा दिया गया हो. लेकिन अभी की सरकार इसमें बाधा है. हैदराबाद में किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि किसान आंदोलन राजनीति से प्रेरित है, ना ही मैं अभी ऐसा कह रहा हूं.
गौरतलब है कि अमित शाह हैदराबाद निकाय चुनाव के प्रचार के लिए यहां आये थे. यहां उन्होंने एक रोड शो किया और उसके बाद प्रेस कॉंन्फ्रेंस को भी संबोधित किया.