लगातार भारी बारिश से माल ब्लॉक जलमग्न, राजार चाय बागान के केशर लाइन के निवासी बेहाल

मानसून की शुरुआत होते ही लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलपाईगुड़ी जिले के माल ब्लॉक के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। विशेष रूप से न्यू माल से मालबाजार जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) के किनारे स्थित राजार चाय बागान के केशर लाइन इलाके में भारी जलजमाव हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को चरम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चाय बागान के मैदान, श्रमिक लाइन (बस्ती) और राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब गया है।अधूरे पुल निर्माण और डायवर्जन से बिगड़े हालातस्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजार चाय बागान के पास इस समय एक नए पुल (सेतु) के निर्माण का काम चल रहा है। इस वजह से यातायात को सुचारू रखने के लिए एक अस्थायी डायवर्जन बनाया गया है। इसी बीच, पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी झरनों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।

पर्याप्त जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था न होने के कारण यह अतिरिक्त पानी प्राकृतिक रूप से आगे नहीं बढ़ पाया और आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल गया।स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि पुल निर्माण के लिए बनाए गए डायवर्जन और अपर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम की वजह से स्थिति इतनी गंभीर हुई है। जमा हुआ पानी धीरे-धीरे राजार चाय बागान के केशर लाइन, मैदानों और उससे सटे इलाकों में घुस गया है। इसके अलावा हाईवे पर पानी भर जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।प्रशासन की अनदेखी से श्रमिकों में आक्रोश और डरग्रामीणों का दावा है कि अगर मानसून से पहले निर्माण स्थल के आसपास जल निकासी की सही व्यवस्था सुनिश्चित की जाती, तो आज यह नौबत नहीं आती। उन्होंने शिकायत की कि इस संभावित खतरे के बारे में पहले भी कई बार प्रशासन को आगाह किया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

श्रमिकों की चिंता: प्रभावित इलाके के लोगों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो स्थिति और भयावह रूप ले सकती है। पानी का स्तर बढ़ने से चाय बागान के श्रमिक परिवारों का दैनिक जीवन पूरी तरह ठप हो जाएगा। कई परिवार इस समय भारी दहशत के साये में दिन काट रहे हैं।प्रशासनिक मुस्तैदी का इंतजारजलजमाव की इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द पानी निकालने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। प्रभावित लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित विभाग तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें इस जल-जमाव से निजात दिलाएगा।

By Sonakshi Sarkar